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बच्चे झूठ बोलते हैं | झूठ बोलने से रोकने के बीस उपाय | Bachchon ko jhooth bolne se rokne ke 20 upaye

बच्चों का थोड़ा बहुत झूठ बोलना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन अगर बच्चा छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर झूठ बोलता है तो माता-पिता/ पेरेंट्स को स्तर्क हो जाना चाहिए क्योंकि हर छोटी-बड़ी बात पर बोला गया झूठ बच्चों को बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। बच्चों का बचपन गीली मिट्टी की तरह होता है जिन्हें पेरेंट्स या टीचर्स जो आकार देना चाहें जैसा बनाना चाहें बन जाते हैं। बच्चे घर में किस माहौल/वातावरण में रहते हैं, उनके आसपास क्या हो रहा है, वे क्या देख रहे हैं इन सब का उनके मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अच्छी और बुरी आदतों की शुरुआत भी यहीं से होती है। झूठ बोलने की बुरी आदत की भी शुरुआत यहां से ही होती है। वज़ोबिआना के इस आर्टिकल में मुख्यत: तीन पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है 1) बच्चे   झूठ कब और क्यों बोलते हैं? 2) माता-पिता कैसे जाने कि बच्चा झूठ बोल रहा है? 3) बच्चों को झूठ बोलने से रोकने के बीस उपाय? When children Start lying and why? How parents know that their children are lying?  20 tips/upaye to make children stop lying. 1) बच्चे झूठ कब और क्यों बोलते हैं? बच्चों को कभी भी कोई झूठ...

रक्षाबंधन 2021 कब है? रक्षाबंधन से जुड़ी कुछ पौराणिक एवं प्रचलित कथाएं | Raksha bandhan kab, kyun aur kaise manaya jata hai? Mythological stories about Raksha bandhan

हमारा देश भारत त्योहारों का देश है। हर त्योहार की तरह रक्षाबंधन का त्योहार भी देश दुनिया में भारतीय मूल के श्रद्धालुओं द्वारा मिलकर श्रद्धा एवं भक्ति-भावना से भाव विभोर हो होकर  बड़ी ही धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस बार   यानिकि   2021   में   रक्षाबंधन का त्योहार 22 अगस्त, श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा। कोविड-19 (Covid-19) महामारी के चलते इस बार भी रक्षाबंधन का त्योहार सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइड लाइन्स को ध्यान में रखकर ही मनाया जाएगा। वज़ोबिआना के इस लेख में मुख्य रूप सेे निम्न पहलुओं पर फ़ोकस किया गया है:  रक्षाबंधन का त्योहार कब, कैसे और क्यों मनाया जाता है? इसका महत्व क्या है? रक्षाबंधन से जुड़ी कुछ पौराणिक एवं प्रचलित कथाएं: Raksha bandhan kab, kyun aur kaise manaya jata hai? Some Mythological stories about Rakshabandhan:- हिंदु संस्कृति के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के अटूट एवं पवित्र रिश्ते का प्रतीक माना गया है। वास्तव में यह त्योहार एक दूसरे की रक्षा करने और रक्षा करवाने का पर्व है। रक्षाबंधन का यह पवित्र त्योहा...

बच्चों का मन पढ़ाई में कैसे केंद्रित करें? | Bachhon ka mann padhai mein kaise kendrit karein? | How to make children focus on studies during pandemic?

महामारी/pandemic के इस मुश्किल दौर के चलते देश/ दुनिया में जो माहौल बना हुआ है इससे हम में से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। बच्चों का बचपन घर की चारदीवारी में कैद हो गया है। उनकी मासूमियत भरी शरारतें, आजादी मानो छिन गई हो। चौबीसों घंटे मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलैक्ट्रोनिक उपकरणों से घिरे रहना वर्तमान समय की जरूरत बन चुकी है। इस मुश्किल समय के चलते बच्चों का मन पढ़ाई में कैसे केंद्रित करें माता-पिता/पेरेंट्स के लिए चुनौती बन गया है। वैसे तो हर बच्चे की प्रथम पाठशाला उसका घर होती है और प्रथम गुरु उसके माता-पिता।   यहीं से शुरू होती है उसके ज्ञान अर्जित करने की प्रक्रिया। ज्यादातर माता-पिता की शिकायत रहती है कि बच्चे पढ़ाई में फ़ोकस नहीं कर पा रहे उनका मन पढ़ाई में कैसे केंद्रित करें। बच्चों का कहना है कि वे पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन जैसे ही पढ़ने बैठते हैं उनके मन में कुछ इस तरह के विचार आते जाते हैं जिनकी वजह से वे पढ़ाई में फ़ोकस नहीं कर पाते। थोड़ा बहुत यदि बच्चे का मन पढ़ाई से भटकता है तो यह स्वाभाविक है लेकिन यदि बच्चे पढ़ ही नहीं पाएं तो माता-पिताा /पेरेंट्स के लिए यकीनन चिंता का विष...

क्यों मनाया जाता है दशहरा? दशहरा: विजयदशमी | Dussehra kyun manaya jaata hai? | Dussehra : Vijaydashmi

हमारा देश त्योहारों का देश है। यहां हर त्योहार बड़ी ही श्रद्धा एवं धूमधाम से मनाया जाता है। विजयदशमी दशहरा भी भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है । इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की और झूठ पर सच्चाई की जीत का प्रतीक माना गया है। हिंदु पंचांग के अनुसार विजयदशमी दशहरा अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को पूरे भारतवर्ष में बड़े ही हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार 2022 में दशहरे का त्योहार आॉक्टूबर 5 को संपूर्ण भारत में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वज़ोबियाना के इस लेख में बड़े ही खूबसूरत तरीके से बताया गया है कि विजयदशमी पर्व दशहरे का महत्व (Vijaydashmi Festival ka mahtav) क्या है और दशहरा/Dussehra क्यों मनाया जाता है। क्यों मनाया जाता है दशहरा: हिंदु मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्री राम प्रभु ने लंका नरेश दशानन रावण का वध किया था। रावण लंका का राजा था और सारस्वत ब्राह्मण कुल में पैदा हुआ परम शिव भक्त था। वह एक कुशल राजनीतिज्ञ, महापराक्रमी योद्धा, बलशाली,दस सिरों से युक्त महान विद्वान पंडित, वेदों का ज्ञाता एवं महाज्ञानी था। उसका पूरा महल सोने का बना हुआ थ...

भारत के स्वतंत्रता दिवस का गौरवमयी शानदार 75वां जश्न:| Bharat Ke Independence day Ka Mahatv

"15अगस्त, 2021" भारत की स्वतंत्रता का गौरवमयी शानदार 75वां जश्न:  "15अगस्त, 1947" का दिन हमारे इतिहास में और प्रत्येक भारतीय के दिलो-दिमाग में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा गया है क्योंकि यही वह शुभ दिन है जब सदियों तक गुलामी की पीड़ा सहने के बाद हमारे देश में आज़ादी का पहला सूर्योदय हुआ था। इस बार यानिकि 15अगस्त, 2021 में हम सब भारतीय मिलकर गौरवमयी शानदार आजादी का 75वां जश्न मना रहे हैं।  15अगस्त, 1947 से पहले हमारे देश को पराधीनता की बेड़ियों ने बहुत बुरी तरह जकड़ रखा था। अंग्रेजों की गुलामी व उनके असहनीय अत्याचारों की वजह  से भारतीय लोगों की अपनी कोई पहचान नहीं थी और न ही कहीं कोई इज्ज़त थी। देश भर में खुशी का कोई नामोनिशान नहीं था। आधुनिक जीवन में स्वतंत्रता हर व्यक्ति का जन्म सिद्ध अधिकार है। 15अगस्त, 1947 की सुबह हम सब भारतवासियों के लिए नया सवेरा लेकर आई थी। देश का हर नागरिक  गर्व का अनुभव कर रहा था और प्रत्येक भारतवासी का सिर भारत माता की शान में नतमस्तक था। हम सब भारतवासी हमेशा आभारी रहेंगे भारत माता के उन वीर सपूतों के जिनके असंख्य बलिदानों की वजह से आज हम स्व...

शिक्षक दिवस : टीचर्स डे क्यों मनाया जाता हैं? | Teachers Day Kyun Manaaya Jaata Hai?

  इस दुनिया में सिर्फ मनुष्य के रूप में जन्म ले लेना ही काफी नहीं है बल्कि देश/दुनिया को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए आवश्यक है इंसान का सही दिशा में शिक्षित होना। देश और दुनिया में आज के समय में शिक्षा ही मात्र एक ऐसा माध्यम है जिससे मनुष्य रूपी प्राणी की गिनती इंसानों  में की जाती है। गुरु और शिष्य का संबंध सदियों से चला आ रहा है। उदाहरण के तौर पर जिस तरह जौहरी को हीरे की पहचान होती है और उसके सही रूप से तराशे जाने पर ही कई गुणा कीमत तय होती है ठीक उसी तरह एक योग्य गुरु अपने ज्ञान से एक साधारण से दिखने वाले बच्चे को भी सही दिशा में शिक्षित कर असाधारण प्रतिभा का मालिक बनाने की योग्यता रखता है। यदि हम कहें कि शिक्षा के बिना मनुष्य जीवन पशु समान है तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं। आज़ादी से पहले जब भारत ब्रिटिश गुलामी से जूझ रहा था तो ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी भारतियों के एक बड़े वर्ग को शिक्षित करने की इच्छुक नहीं थी लेकिन भारत को लूटने और व्यापार करने के लिए उन्हें एक ऐसा शिक्षित वर्ग चाहिए था जिनके माध्यम से अंग्रेजी सरकार व जनता के बीच आसानी से भाषा व विचारों का आदान-प्र...

जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं? २०२१ में जन्माष्टमी किस डेट को मनाई जाएगी? Janmashtami kyun manate hain? 2021 kis taarikh ko manai jayegi janmashtami aur puja ka mahurt kb hai ?

2021 में कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी एवं पूजा का मुहूर्त: पुराणों के अनुसार भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान विष्णु जी ने कृष्ण जी के रूप में इस धरती पर जन्म लिया था। कृष्ण जी को विष्णु जी का आठवां अवतार माना जाता है। अतः इस दिन को अर्थात भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को विश्व भर में कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में भारतीय मूल के भक्तों द्वारा बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार यानिकि 2021 में  कृष्ण जन्माष्टमी 30अगस्त को मनाई जाएगी । चूंकि आजकल विश्व भर में pandemic/महामारी का दौर जारी है तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइड लाइन्स को ध्यान में रखकर ही कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा।   पूजा अर्चना के लिए मुहूर्त होगा 30अगस्त 2021, रात को लगभग 11बजकर 59मिनट से लेकर 12बजकर 44मिनट  तक।   कहा जाता है कृष्ण जन्माष्टमी के दिन रात को रोहिणी नक्षत्र में  कृष्ण जी की पूजा अर्चना करने से इंसान इस धरती पर सर्व सुख भोग कर अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है। देश-विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों द्वारा कृष्ण जी के जन्म दिवस को ज...

मन की बात बच्चों के साथ: बच्चों को लोक व्यवहार एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व का मालिक कैसे बनाएं?

बच्चे माता-पिता की सबसे बड़ी धरोहर होते हैं। अतः उनका कर्त्तव्य है कि बचपन से ही उनकी ऐसी परवरिश करें और लोक व्यवहार की शिक्षा दें ताकि बड़े होकर वे मजबूत, आत्मविश्वासी, साहसी एवं संपूर्ण प्रभावशाली व्यक्तित्व के मालिक बनकर समाज को ग्रेट ऊंचाइयों की ओर ले जाने में सक्षम हों। यह तभी संभव होगा जब पेरेंट्स अपने बच्चों रुपि पूंजी का निवेश सकारात्मक तरीके से सही जगह करेंगे। हमारे बच्चे भी हमारी बैंक में जमा धनराशि की तरह ही होते हैं यदि उचित जगह इन्वेस्ट (investment) नहीं किया तो बढ़ने की बजाय कम होना शुरू हो जाती है।  'मन की बात बच्चों के साथ' (mann ki baat bachhon ke saath) नामक प्रस्तुत लेख में लेखिका ने यह बताने की भरपूर कोशिश की है कि पेरेंट्स अपने बच्चों को लोक व्यवहार एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व का मालिक कैसे बनाएं ताकि वे बड़े होकर समाज को ग्रेट हाईट्स की ओर ले जाने में अपना भरपूर योगदान देने में सक्षम हों। घर के बड़े-बुजुर्गों और पेरेंट्स का मकसद होना चाहिए कि बच्चों को परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को ढ़ालना सिखाएं। सच्ची शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य होता है धैर्...

ज़िद्दी बच्चे को कैसे समझाएं | Ziddi bacche ko kaise samjhayein

                                      ज़्यादातर पेरेंट्स यही सोचकर परेशान रहते हैं कि ज़िद्दी बच्चे को कैसे समझाएं। बच्चे का थोड़ी बहुत ज़िद करना आम बात है लेकिन यही ज़िद अगर हद से बढ़ जाए तो माता-पिता के लिए चुनौती बन जाती है। बच्चे को समझना और समझाना मुश्किल हो जाता है। पेरेंट्स जो करने को कहेंगे वह उसका उल्टा करने की कोशिश करेगा। उदाहरण के लिए यदि आप कहोगे खाना खा लो तो वह कहेगा नहीं उसे सोना है या वीडियो गेम खेलना है कहने का मतलब बच्चे को जो कहा जाए वह उसका उल्टा करने की कोशिश करेगा या फिर बात को सुनकर अनसुनी कर देगा। ऐसे बच्चे घर में माता-पिता के लिए और स्कूल में टीचर्स के लिए सिरदर्द का कारण बन जाते हैं। आए दिन क्लास टीचर की शिकायत आती है कि बच्चा बात नहीं सुनता उसे जो करने को कहा जाता है उसका उल्टा करता है या फिर कुछ नहीं करता। घर में भी सबको परेशानी में डालने जैसा माहौल पैदा करता है। हर नामुमकिन काम को करना चाहता है या ज़िद करके करवाना चाहता है। घर के किसी नियम को नहीं मानता, गुस्से से...